“घुटनोों के बल बैठी स्त्री का परिचय पाकि िाम अचम्भित हो गए। उनके मुखमण्डल का तेज जाता िहा औि कों ठ सूख गया। िावण का परिचय िाम को था। ववश्रवा औि कै कसी की कथा भी सुन िखी थी पिन्तु सूपनखा को प्रथम बाि देखा था। िाक्षसी म्भस्त्रयााँ भी इतनी रूपसी होती हैं िाम ने प्रथम बाि जाना। अब तक वजतनी भी िाक्षसी म्भस्त्रयोों का वध वकया वे सब की सब इतनी स ोंदयय की धनी नहीों थीों। वकसी का उदि ववकृ त था तो कोई ववशाल तनु की स्वावमनी थी। वकसी के मुखमण्डल पि जोंगल का सूनापन था तो वकसी का शिीि गतय से भिा िहता था। पिन्तु सूपनखा वकसी ब्रह्माण्ड सुोंदिी सी वदख िही थी। उसके मुख पि तेज था औि वह तनुमध्या थी। उसका उदि कामशास्त्र का प्रतीक था तो उसका अधयनग्न वक्षस्थल वकसी भी िाजपुरुष को प्रथम दृवि में मोवहत किने के अनुरूप था। उसकी बातें उसके बुम्भिक शल को प्रवतवबोंवबत कि िही थीों औि वेश िाजसी था। उसमेंएक पृथक आकषयण था। ऐसा आकषयण जैसा इन्द्र की नतयवकयोों में होता है।
Supankha Ke Ram
2,49 €
SKU: SKUr95ILSDp Categories: Kinderboeken, Religie, Religieus*, Strips, Graphic Novels En Manga Tag: Kobo Brand: Kobo
Be the first to review “Supankha Ke Ram” Reactie annuleren
Related products
Detectives & Thriller
6,01 €
Sale!
Fictie & Literatuur
2,57 €
Kunst & Architectuur
7,65 €
Sale!
Fiction
Sale!
Biografieën
1,63 €
Sale!
Biografieën
Moderne Vrouwen
2,49 €
Detectives & Thriller
3,35 €
Sale!
Kinderboeken
Science Fiction
0,77 €
Sale!
Gezin & Relatie
9,37 €
Sale!
Business & Financiën
Biografieën
6,79 €


Reviews
There are no reviews yet.